1 Mezishura

Samachar Patra Ke Labh Essay Outline

बिजली के लाभ 

बिजली आज के युग में हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुकी है | इसके बिना हमारा जीवन निरर्थक – सा प्रतीत होता है | इसमें ऐसी चमत्कारिक शक्ति है जिससे हमारा दैनिक जीवन बहुत प्रभावित हुआ है | यहाँ तक कि इसके बिना हमारे उद्दोग – धन्धे तथा कृषि भी प्रभावित हुए बिना नही रह गए है | विद्दुत द्वारा चलने वाले नलकूपों से खेतो में सिंचाई भी सुगम हो गई है |

इसके विपरीत यदि हम कल्पना करे कि आज बिजली न होती तो हमारा जीवन कैसा होता ? यह सोचकर ही हमे एक-भय सा लगता है कि हम कितनी परेशानियों से गुजर रहे होते | गर्मी के दिनों में बिजली न होती तो, न तो पंखे चलते, न कूलर और न ही एयर-कंडिशनर(वातानुकूलित) चलते | गर्मी से हमारा बुरा हाल होता | सर्दी के दिनों में रोशनी के बिना अँधेरा तो होता ही , साथ ही गीजर के बिना पानी गर्म नही होता तथा हम अपना कमरा भी गर्म नही कर पाते | विद्दार्थियो के लिए तो परीक्षा के दिनों में यह एक अभिशाप – सी बन जाती | वे अपनी परीक्षा की तैयारी भली-भांति नही कर पाते |

इसके अतिरिक्त बिजली के बिना कारखानों की गति मन्द पड़ जाती | कृषि का उत्पादन भी प्रभावित होता | ट्यूब – बैल न चल पाने से खेतो की सिंचाई बहुत महंगी पडती जिससे हमारे उत्पादन में कमी आती | इसके बिना एक्सरे , कैट-स्कैन व् अल्ट्रासाउंड जैसे अनेको यंत्र जो बिलजी से चलाए जाते है , न चलाए जाने पर हमे अनेक रोगों के इलाज में कठिनाई होती | बिजली ने जो हमे अन्य बहुत से सुविधाए प्रदान की है जैसे रेडियो, टेलीविजन, टेलीग्राम , बेतार का तार आदि इनसे हम वंचित रह जाते | यहाँ तक कि इसके द्वारा जो अनेको तीव्रगामी यातायात के साधन जैसे ट्रामे , रेले आदि चलाई जाती है, नही चल पाती, जिससे हमारा जीवन बहुत धीमी गति से चल रहा होता | इनके अतिरिक्त अन्य अनेको सुविधाए जैसे कैमरों द्वारा फोटो नही खीचे जाते, फोटोस्टेट न होने पर हमारे अनेको कामो में बाधा पडती | इस तरह यह जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी बन चुकी है, इसके बिना जीवन बड़ा दूभर हो जाता |

संक्षेप में हम यह कह सकते है कि विद्दुत जो आज के युग की बहुत ही आश्चर्यजनक व लाभकारी खोज है यदि यह न होती तो हमारा जीवन बड़ा ही भयावह, निरर्थक तथा कष्टदायक होता |

January 28, 2017evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 CommentsHindi Essay, Hindi essays

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समाचार-पत्र : ज्ञान का सशक्त साधन

Samachar Patra – Gyan ka Sashakt Sadhan

निबंध नंबर :- 01 

     समाचार-पत्र की आवश्यकता – मनुष्य स्वभाव से जिज्ञासु है | वह जिस समाज में रहता है, उसकी पूरी जानकारी चाहता है | इस बहाने वह शेष दुनिया से जुड़ता है | इसी प्रवृति के कारण ही समाचार-पत्र का उदय हुआ |

इतिहास – भारत में पहला समाचार-पत्र ‘इंडिया गजट’ नाम से प्रकाशित हुआ | हिंदी का सवर्प्रथम समाचार-पत्र ‘उदंत मार्तड’ कोलकाता से प्रकाशित हुआ | आज हिंदी-अंग्रेजी के सैकड़ों समाचार-पत्र निकल रहे हैं | इनमें से प्रमुख हैं – हिंदुस्तान, हिंदुस्तान टाइम्स, ट्रिब्यून, स्टेट्समैन, टाइम्स ऑफ इंडिया, दैनिक जागरण, जनसता, पंजाब केसरी, अमृत बाज़ार पत्रिका, पायोनियर, इंडियन एक्सप्रेस आदि |

विश्व-भर से जोड़ने का साधन – समाचार-पत्र मनुष्य को विश्व-भर से जोड़ता है | प्रात: होते ही सारे संसार महत्वपूर्ण जानकारियाँ समाचार-पत्र द्वारा उपलब्ध हो जाती हैं | इसलिए जेम्स एलिस ने कहा था – “समाचार-पत्र संसार के दर्पण हैं |”

लोकतंत्र का प्रहरी – समाचार-पत्र लोकतंत्र का सजग प्रहरी है | लोकतंत्र की सफलता के लिए आवश्यक है कि जनता सब कुछ जाते और अपनी इच्छा-अनिच्छा को प्रकट करे | नपोलियन खा करता था – “ मैं लाखों संगीनों की अपेक्षा तीन विरोधी समाचार-पत्रों से अधिक डरता हूँ |”

जनमत बनाने का साधन – ‘समाचार-पत्र साधारण जनता के शिक्षक हैं |’ समाचार-पत्रों के संपादक, संवाददाता या अन्य अधिकारी जिस समाचार को जिस ढंग से देना चाहें, दे सकते हैं | आम जनता समाचार-पत्रों से सीधे प्रभावित होती है | विभिन्न समाज-सुधारक, चिंतक, विचारक, आंदोलन-कर्ता, क्रांतिकारी अपने विचारों को छापकर जनता को प्रभावित कर सकते हैं |

ज्ञान-वृद्धि का साधन – आजकल समाचार-पत्र पाठकों की ज्ञान-वृद्धि भी करते हैं | विशेष रूप रविवारीय पुष्ठों में छपी जानकारियाँ, नित्य नए अविष्कार, नए साधन, नए पाठ्यक्रमों की जानकारी, अदभुत संसार की अदभुत जानकारियाँ पाठकों का ज्ञान बढ़ाती हैं | रोगों की जानकारी, उनके इलाज के उपाय भी समाचार-पत्र में छापे जाते हैं |

मनोरंजन का साधन – आजकल समाचार-पत्र पाठकों के लिए मनोरंजन की रंग-बिरंगी सामग्री लेकर उपस्थित होते हैं | खेल-संसार, फिल्मी संसार, चुटकले, कहानियाँ, पहेलियाँ, रंग-भरो प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चे, किशोर और तरुण, भी समाचार-पत्रों पर जान छिड़कते हैं |

व्यापर के लाभ – समाचार-पत्रों से सर्वाधिक लाभ व्यापारियों, उद्योगितियों और फैक्ट्रियों को होता है | प्रचार और विज्ञापन के द्वारा इनका माल रातोंरात देशव्यापी बन जाता है | इसके माध्यम से आप अपनी संपति खरीद-बेच सकते हैं, सोना-चाँदी और शेयरों के दैनिक भाव जान सकते हैं | सचमुच समाचार-पत्र सांसारिक सिद्धियों का भंडार है | यस एसा शब्द-संसार है जिसमें पूरा संसार बसा है

निबंध नंबर :- 02

समाचार-पत्र

Samachar Patra

प्रस्तावना- आजकल समाचार-पत्र अनेक रूपों में दिखाई देते हैं। इनके रूप हैं-दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, पाक्षिक आदि। परन्तु इन सबमें दैनिक समाचार-पत्र ही सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। समाचार-पत्र निम्न नामांे से प्रकाशित होते हैं,- दैनिक जागरण, अमर उजाला, नवभारत टाइम्स, दि टाइम्स आॅफ इंडिया आदि।

इनमें से कुछ हिन्दी के अलावा अंग्रेजी भाषा में भी प्रकाशित होते हैं। समाचार-पत्रों के द्वारा जनता की कम-से-कम समय में ज्ञान-वृद्धि होती है।

समाचार-पत्रों का उद्देश्य जनता को विभिन्न प्रकार की जानकारी देना तथा (पाठकों को) मनोरंजन (लेख कहानियां देना होता है।) इनके माध्यम से सिनेमा प्रेमियों को सिनेमा की खेल प्रेमियों को खेल की तथा नारियों का नारी सम्बन्धी विषयों की जानकारी मिलती है।

समाचार को विभिन्न स्थानों से एकत्रित करने वाले संवाददाता इन्हें समाचार-पत्र के कार्यालय तक पहंुचाने के लिए टेलीफोन, तार व पिंट्रर आदि का प्रयोग करते हैं। विभिन्न रोचक जानकारियों को जनता तक पहंुचाने के लिए संवाददाता कठोर परिश्रम करते हैं।
समाचार-पत्र ऐसी गागर के समान है जिसमें ज्ञान व मनोरंजन का सागर भरा हुआ होता है। यह जनता को विश्व की महत्वपूर्ण घटनाओं, तथ्यों तथा मनोरंजनपूर्ण तथ्यों से अवगत कराता है।

समाचार-पत्र वर्तमान समाज में अत्यधिक उपयोगी- जिन्हें समाचार-पत्र पढ़ने का शौक हो जाता है, वे प्रातः उठते ही दैनिक क्रिया से निवृत होते ही समाचार-पत्र लेकर पढ़ने बैठ जाते हैं। एक ही सिटिंग में देश-विदेश, दुनिया-जहान की खबरों को पढ़कर ही किसी अन्य कार्य की ओर ध्यान देते हैं। समाचार-पत्र हमें विश्व में पल-पल घटने वाली घटना की जहां जानकारी देता है, वहीं ज्ञान-विज्ञान के ऐसे हीरे-मोती हमारे सामने बिखेरता है कि हम उन्हें चुन-चुनकर अपने सामान्य ज्ञान के कोश में सजाते चले जाते हैं।

उपसंहार- संचार क्रांति के बढ़ते कदम के साथ आज समाचार-पत्र के लिए समाचार जुटाना बहुत सरल हो गया है। इलैक्ट्रानिक प्रिन्ट मीडिया माध्यम होने से, ताजी-तरीन खबरों को समाचार-पत्र शीघ्रता से हम तक पहुंचा देता है।

June 27, 2016evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 CommentHindi Essay, Hindi essays

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